Thursday, January 10, 2013

CBSE Class 9 - हिंदी (ब) स्पर्श - पाठ-15 - अग्नि पथ

अग्नि  पथ

Q1(CBSE 2011): निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनिए:

वृक्ष हों भले खड़े,
हों घने, हों बड़े,
एक पत्र-छाँह भी माँग मत, माँग मत, माँग मत!
अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ!

तू न थकेगा कभी!
तू न थमेगा कभी!
तू न मुड़ेगा कभी!-कर शपथ! कर शपथ! कर शपथ!
अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ!
(i) कवि किसे संबोधित कर रहा है ?

    (क) कायर व्यक्ति को
    (ख) जीवन की राह में बढ़ते परिश्रमी व्यक्ति को
    (ग) भक्त व्यक्ति को
    (घ) मनमौजी व्यक्ति


(ii) 'अग्नि पथ' का अर्थ है:

    (क) वह रास्ता जहाँ आग लगी है
    (ख) पथरीला रास्ता
    (ग) संघर्षों से भरा मार्ग
    (घ) पानी से भरा रास्ता


(iii) 'एक पत्र-छाँह भी माँग मत' का आशय है -

    (क) थोड़ी सी भी मदद या आश्रय की उम्मीद न करना
    (ख) एक पत्ते जितनी छाया भी न माँगना
    (ग) एक भी पत्र न भेजना
    (घ) बिना माँगे मदद पाना

(iv) कवि मानव को थकने और थमने से क्यों मना करता है:
    (क) क्योंकि लक्ष्य पाने के लिए निरंतर परिश्रम जरूरी है
    (ख) क्योंकि थकना व् थमना कायरता है
    (ग) क्योंकि ऐसा करने से लक्ष्य में बाधा आती है
    (घ) उपरोक्त सभी


(v) कवि कैसी शपथ लेने की बात कह रह है ?
    (क) आग भरे रस्ते पर न चलने की
    (ख) पेड़ के नीचे ठहरने की
    (ग) रुक जाने की
    (घ) चलते रहने की

उत्तर:
i.  (ख) जीवन की राह में बढ़ते परिश्रमी व्यक्ति को
ii. (ग) संघर्षों से भरा मार्ग
iii. (ख) एक पत्ते जितनी छाया भी न माँगना
iv. (घ) उपरोक्त सभी

v. (घ) चलते रहने की

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5 comments:

  1. please give notes each hindi chapter of course B

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  2. r u sure the answer of 3rd question given here is right ?i think its the 1 st one!

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  3. Ya u r ryt It is the 1st option of 3rd question.... :)

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  4. the answer should be the second one because here the author is talking about ek patra ki chan bhi which would mean the shade of one leaf. the author is telling us that we should not take the shade of a single leaf and we should continue to on move on our path.

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  5. the answer should be the second one because here the author is talking about ek patra ki chan bhi which would mean the shade of one leaf. the author is telling us that we should not take the shade of a single leaf and we should continue to on move on our path.

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